सीएम सुक्खू आज वर्चुअली करेंगे शुभारंभ, बाहरी राज्यों की प्रयोगशालाओं के काटने नहीं पड़ेंगे चक्कर
HNN/ बद्दी
हिमाचल के दवा उद्योगों को अब दवाओं की जांच के लिए बाहरी राज्यों की प्रयोगशालाओं के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दवा उद्योगों की सहूलियत के लिए बद्दी में करीब 40 करोड़ लागत की तमाम अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ड्रग टेस्टिंग लैब स्थापित कर दी गई है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू रविवार को वर्चुअल इस लैब का शुभारंभ करेंगे। इस प्रयोगशाला की स्थापना से जहां राज्य दवा नियंत्रण प्राधिकरण को दवा नमूनों की जांच में मदद मिलेगी, वहीं हिमाचल की दवा कंपनियों को भी अब दवाओं की जांच के लिए निजी प्रयोगशालाओं के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
इस ड्रग टेस्टिंब लैब को चलाने के लिए पंचकुला की एक एजेंसी को हायर किया गया है। उल्लेखनीय है की केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने औषधि विनियामक ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत राज्य स्वास्थ्य विभाग को 30 करोड़ रुपए प्रदान किए थे, जबकि बाकी खर्च राज्य सरकार ने वहन किया।
इस अत्याधुनिक प्रयोगशाला की स्थापना हिमुडा कांप्लेक्स में की गई है। इस ड्रग टेस्टिंग लैब में सालाना 8000 से 10000 दवाओं के नमूनों का परीक्षण किया जा सकेगा। इस लैब से ड्रग कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन के गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र को भी मजबूती मिलेगी, वहीं प्रदेश भर के दवा निर्माताओं को भी अपनी दवा के नमूनों का परीक्षण करने की सुविधा मिलेगी।
दरअसल क्षेत्र में एक मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला के अभाव में निर्माताओं को अपनी दवा के नमूनों का परीक्षण प्रदेश से बाहर करवाना पड़ता है, जबकि दवा नियंत्रक प्राधिकरण अब तक दवाओं के परीक्षण के लिए कंडाघाट में कंपोजिट टेस्टिंग लैब (सीटीएल) पर निर्भर था।
एशिया के फार्मा हब के तौर पर उभरे बीबीएन क्षेत्र में अरसे से आधुनिक सुविधाओं से लैस दवा परीक्षण प्रयोगशाला की दरकार थी, हालांकि बद्दी के झाड़माजरी में भी कंपोजिट टेस्टिंग लैब स्थापित करने की कवायद चल रही है, जिसका संचालन एचडीएमए नाईपर के सहयोग से करेगा।
ऐसे में बद्दी में ही एक और हाईटेक लैब की स्थापना दवा उद्योगों में गुणवत्ता पूर्ण दवा निर्माता को और प्रभावी ढंग से लागू करने में खासी मददगार साबित होगी। बता दें कि बीबीएन में डा. रेड्डी लैब, कैडिला, सिप्ला, टॉरेंट सरीखी 220 निर्यात उन्मुख इकाइयों सहित 500 से ज्यादा दवा निर्माण इकाइयां सालाना 35 हजार करोड़ से ज्यादा की कीमत की दवाओं का उत्पादन कर रही है।
इनमें से सालाना 15 हजार करोड़ की दवाएं निर्यात की जा रही हैं। बरहाल गुणवतापूर्ण दवा निर्माण को बढ़ावा देने और दवाओं के जांच तंत्र को मजबूत करने की दिशा में यह प्रयोगशाला अहम कड़ी साबित होगी। हिमाचल ड्रग मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि बद्दी में दवा परीक्षण प्रयोगशाला की खासी जरूरत रही है।
उन्होंने कहा कि इससे जहां विनियामक ढांचा सशक्त होगा, वहीं दवा विनिर्माण कंपनियों में गुणवत्ता को लागू करने में मदद मिलेगी। राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आज रविवार को वर्चुअल 40 करोड़ लागत की ड्रग टेस्टिंग लैब का उद्घाटन करेंगे।