HNN/ शिमला
आखिरकार प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस चार्ज शीट लेकर आ गई है। बीते पांच साल में सरकार से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों को कांग्रेस ने आज सार्वजनिक कर दिया है। इस चार्जशीट में कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ बेरोजगारी से लेकर भ्रष्टाचार और महंगाई तक के आरोप लगाए हैं। बता दें, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा, राष्ट्रीय प्रवक्ता अलका लांबा, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री व प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 20 पन्नो की चार्जशीट जारी की है। इस दौरान मुकेश अग्निहोत्री ने कहा, देवभूमि में पहली बार नौकरियां बेची गईं।
जयराम इतिहास में नौकरियां बेचने वाले सीएम कहलाएंगे। आज तक जितना कर्ज लिया उतना अकेले जयराम ठाकुर ने लिया। पांच साल में जयराम ठाकुर मात्र एक कठपुतली मुख्यमंत्री साबित हुए। उनको नचाने वाले हाथ दिल्ली में बैठे है। पांच साल की भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार के नए आयाम स्थापित किए हैं और ज़मीन, वन, नशीली दवा से लेकर खनन तक हर माफिया को गोद में बिठाकर पांच साल सरकार चलाई है। भाजपा की पांच साल की सरकार ने बेरोजगारों को, बागवानों को, किसानों को, सरकारी कर्मचारियों को, महिलाओं को और यहां तक की इस वीर भूमि के सैनिकों तक को धोखा दिया है।
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रचार समिति के अध्यक्ष सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, भाजपा के केंद्रीय नेताओं और राज्य के नताओं ने जनता के बीच ‘डबल इंजन की सरकार’ का खूब राग अलापा है। वे जनता को बताते रहे हैं कि अगर केंद्र और राज्य दोनों में ही एक ही पार्टी की सरकार रहेगी तो विकास की गति बढ़ेगी और जनता को लाभ होगा। लेकिन हर मोर्चे पर डबल इंजन की सरकार ने जनता को धोखा दिया है। पेट्रोल के दाम 2013-14 में 67 रुपए प्रति लीटर के आसपास थे जो अब बढ़कर 97.50 तक पहुंच गए है। रसोई गैस के दाम 450 रुपए से बढ़कर 1100 रुपए तक जा पहुंचे हैं।
बेरोजगारी से बेहाल हिमाचल
सरकार ने वायदा किया था कि हर साल दो करोड़ लोगों को रोजगार देंगे मगर वो ‘चुनावी जुमला’ निकला और कभी पूरा नहीं हुआ। फिर 2017 के चुनाव में भाजपा ने युवाओं को कौशल विकास से लेकर अंग्रेज़ी कोचिंग तक तरह तरह के प्रलोभन दिए। केंद्र में साढ़े आठ साल की और राज्य में पांच साल की भाजपा सरकार के बाद नतीजा यह है कि राज्य में बेरोज़गारी का बुरा हाल है। मार्च, 2022 के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 8,77,507 युवा बेरोज़गार की तरह दर्ज हैं। राज्य में बेरोज़गारी का प्रतिशत 9.2 है।
आपदा में लूट करती रही जयराम सरकार
जिस समय पूरे देश के साथ हिमाचल प्रदेश भी कोरोना महामारी के कारण त्राहिमाम त्राहिमाम कर रहा था, उसी समय हिमाचल की जयराम सरकार और भाजपा के नेता लूट-खसोट में लगे हुए थे। सरकार में बैठे लोगों और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने पीपीई किट, सैनेटाइज़र्स और यहां तक कि दवाइयों में तरह तरह के घोटाले किए।
बिजली विभाग में ठेकेदारों के ज़रिए लूटे गए करोड़ों
जयराम ठाकुर के पांच साल के मुख्यमंत्रित्व काल में शायद ही ऐसा कोई विभाग बचा हो, जहां घोटाला नहीं हुआ हो। बिजली विभाग भी इससे अछूता नहीं रहा। ठेकेदारों के साथ सांठगांठ करके सत्तारूढ़ दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने करोड़ों रुपए कमाए। इस कमाई का कितना हिस्सा मुख्यमंत्री और मंत्रियों को गया यह जांच का विषय है।
गौवंश की दयनीय हालत
भाजपा सरकार के कार्यकाल में हज़ारों गौवंश की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। कुछ विधानसभा क्षेत्रो से गौवंश ट्रको में भरकर इधर-उधर भेजा गया। ट्रकों में भर भर कर भेजने से काफी गौंवंश ट्रक में ही मर गए। जनवरी 2022 में मनाली के रांगड़ी गौसदन में 30 से अधिक गौवंश की मौत हुई जबकि अक्टूबर 2021 में नालागढ़ के हांडा खुन्डी काऊ सेंचुरी में 180 गौवंश की मौत हुई। गाय को लेकर राजनीति करने वाली भाजपा और आरएसएस ने गौवंश की इन हत्याओं पर चुप्पी साधे रखी।