हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (HPPCL) के मुख्य अभियंता (चीफ इंजीनियर) विमल नेगी की संदिग्ध मौत के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक (MD) और IAS अधिकारी हरिकेश मीणा को पद से हटा दिया गया है, जबकि निदेशक (इलेक्ट्रिकल) देसराज को निलंबित कर दिया गया है।
सरकार ने इस मामले की जांच अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) ओंकार शर्मा को सौंपी है। वह परिवार और पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों से बात कर 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपेंगे।
नेगी की मौत पर प्रदेशभर में आक्रोश
विमल नेगी का शव 18 मार्च को बिलासपुर स्थित गोबिंदसागर झील से बरामद हुआ था। वह 10 मार्च से लापता थे। उनकी पत्नी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि HPPCL के MD हरिकेश मीणा और निदेशक देसराज ने उनके पति को प्रताड़ित किया था।
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इस घटना के बाद शिमला, बिलासपुर और किन्नौर में कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
- बिलासपुर में एम्स के बाहर प्रदर्शन कर इंसाफ की मांग की गई।
- BCS शिमला में HPPCL कार्यालय के बाहर नेगी का शव रखकर 7 घंटे तक चक्का जाम किया गया।
- किन्नौर में आक्रोश रैली निकाली गई, कर्मचारियों ने दो दिन की पेन-डाउन हड़ताल का ऐलान किया।
सरकार की कार्रवाई और नई नियुक्तियां
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में मामले की जांच ACS स्तर के अधिकारी से कराने की घोषणा की। इसके बाद सरकार ने कड़े कदम उठाते हुए –
- IAS हरिकेश मीणा को MD पद से हटा दिया।
- निदेशक देसराज को निलंबित कर दिया गया।
- ऊर्जा विभाग के निदेशक राकेश प्रजापति को HPPCL का नया MD बनाया गया।
- सुरेंद्र कुमार को निदेशक (इलेक्ट्रिकल) का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया।
सरकार ने यह भी साफ किया कि अगले आदेश तक मीणा और देसराज के कार्यालय में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
आगे क्या?
अब इस मामले की विस्तृत जांच होगी, जिसमें मीणा और देसराज पर लगे आरोपों की सत्यता का मूल्यांकन किया जाएगा। परिजनों और कर्मचारियों का गुस्सा देखते हुए सरकार पर जल्द न्याय दिलाने का दबाव बढ़ गया है।
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