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हिमाचल प्रदेश / नए नगर निगम और नगर पंचायतों में विलय हुए चौकीदारों, सिलाई अध्यापिकाओं का वेतन अब…

हिमाचलनाउ डेस्क • 18 Dec 2024 • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश में चौकीदारों और सिलाई अध्यापिकाओं का वेतन बढ़ा

हिमाचल प्रदेश सरकार ने नए नगर निगमों और नगर पंचायतों में विलय हुए चौकीदारों और सिलाई अध्यापिकाओं के लिए एक बड़ी राहत दी है। अब इन कर्मचारियों को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के बराबर वेतन मिलेगा। यह कदम प्रदेश सरकार के शहरी विकास विभाग द्वारा उठाया गया है, जिसे हाल ही में अधिसूचित किया गया है।

चौकीदारों का वेतन बढ़ा: 1 अप्रैल 2023 से लागू

अंशकालिक चौकीदारों के लिए राहत

हिमाचल प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों और नगर पंचायतों में काम करने वाले चौकीदारों के लिए खुशखबरी है। अब इन चौकीदारों को दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के बराबर वेतन मिलेगा। यह वेतन उन अंशकालिक चौकीदारों को दिया जाएगा, जिन्होंने 31 अगस्त, 2022 तक 12 साल का कार्यकाल पूरा किया है।

नई दरों पर वेतन का निर्धारण

1 अप्रैल, 2023 से, इन चौकीदारों को दिन के 357 रुपये के हिसाब से वेतन मिलेगा, जबकि पहले उन्हें केवल आठ हजार रुपये मासिक मिलते थे। यह वेतन सभी ऐसे चौकीदारों को मिलेगा जिन्होंने निर्धारित कार्यकाल पूरा किया हो।

नगर निगम पालमपुर, मंडी और सोलन तथा नगर पंचायत अंब, कंडाघाट, शाहपुर, निरमंड और चिड़गांव में कार्यरत चौकीदारों को यह नया वेतन मिलेगा।

बकाया भुगतान

इस बदलाव का फायदा उन चौकीदारों को भी मिलेगा जिन्होंने पहले से काम किया है। उन्हें 1 अप्रैल, 2023 से यह नया वेतन मिलेगा, और इसका बकाया भी उन्हें दिया जाएगा।

सिलाई अध्यापिकाओं का वेतन भी बढ़ा

पंचायतों से नगर निगमों और नगर पंचायतों में विलय

हिमाचल प्रदेश के पंचायतों से नगर निगमों और नगर पंचायतों में विलय होने वाली सिलाई अध्यापिकाओं के लिए भी अच्छी खबर है। जिन सिलाई अध्यापिकाओं ने 13 अक्टूबर, 2022 तक अपना 12 साल का कार्यकाल पूरा किया है, उनका वेतन भी बढ़ा दिया गया है।

नई वेतन दर

इन अध्यापिकाओं को अब 1 अप्रैल, 2023 से दिन के 424 रुपये के हिसाब से वेतन दिया जाएगा। यह बदलाव उनके कार्यकाल के आधार पर लागू किया जाएगा और उन्हें भी इसका बकाया भुगतान किया जाएगा।

निष्कर्ष: कर्मचारियों के लिए सकारात्मक कदम

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा यह कदम एक सकारात्मक बदलाव है जो कर्मचारियों के बेहतर भविष्य की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। चौकीदारों और सिलाई अध्यापिकाओं को उनके मेहनत और सेवा का उचित मूल्य मिलेगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।