शिमला। हिमाचल प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की कमी सामने आई है। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश में सहायक आचार्य (Assistant Professor) के कुल 2,783 स्वीकृत पदों में से 544 पद रिक्त पड़े हैं।
शिक्षा विभाग और हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय स्तर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP) को लागू करने की तैयारियां जारी हैं, लेकिन शिक्षकों की कमी इस दिशा में बड़ी बाधा बन रही है।
किस विषय में कितने पद खाली?
आरटीआई के तहत मिली जानकारी के अनुसार, सबसे अधिक रिक्तियां अंग्रेजी विषय में हैं।
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- अंग्रेजी: 70 पद
- हिंदी: 43 पद
- कॉमर्स: 43 पद
- केमिस्ट्री: 38 पद
- गणित: 32 पद
- फिजिक्स: 31 पद
- बॉटनी: 28 पद
- जूलॉजी: 26 पद
- इतिहास: 31 पद
- राजनीति विज्ञान: 26 पद
- भूगोल: 16 पद
- म्यूजिक इंस्ट्रूमेंटल: 20 पद
- वोकल: 16 पद
- समाजशास्त्र: 19 पद
कहां भरे हैं सभी पद?
सिर्फ कुछ विषयों में ही सभी पद भरे हुए हैं, जिनमें साइकोलॉजी, कामर्शियल आर्ट, पेंटिंग, कंप्यूटर साइंस और लाइफ साइंस शामिल हैं।
2023 में हुई थी आंशिक भर्ती
2023 में सहायक आचार्य के पदों पर आंशिक भर्ती हुई थी, लेकिन कई विषयों में अभी भी पद रिक्त हैं।
NEP 2020 पर पड़ सकता है असर
प्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को लागू करने की तैयारी चल रही है, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी इस दिशा में चुनौती बन सकती है। शिक्षकों की कमी से छात्रों की शिक्षा गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।
सरकार का क्या है रुख?
शिक्षा विभाग का कहना है कि—
- रिक्त पदों को भरने के लिए प्रक्रिया जारी है।
- जल्द ही सभी रिक्तियों को भरने का प्रयास किया जाएगा।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए शिक्षकों की कमी को जल्द दूर किया जाना जरूरी है।
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