शिमला: हिमाचल प्रदेश में मार्च का पहला सप्ताह बीत जाने के बाद भी पेंशनर्स को पेंशन नहीं मिली है। इसके अलावा, लंबे समय से लंबित भत्तों और छठे वेतन आयोग के एरियर का भी भुगतान नहीं हुआ है।
पेंशनर्स संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस देरी से नाराज हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी है।
- संघ के प्रदेश अध्यक्ष आत्माराम शर्मा ने कहा कि सरकार लगातार पेंशनर्स की अनदेखी कर रही है।
- छठे वेतन आयोग के एरियर और भत्तों का भुगतान नहीं हुआ, जिससे हजारों पेंशनर्स आर्थिक संकट झेल रहे हैं।
- डीए की सिर्फ दो किश्तें ही जारी हुई हैं, जबकि बकाया राशि अभी भी लंबित है।
बजट सत्र में मांगें नहीं मानी गई तो बड़ा प्रदर्शन
संघ का कहना है कि यदि बजट सत्र में पेंशनर्स की मांगों को शामिल नहीं किया गया, तो वे मजबूरन आंदोलन करेंगे।
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“हम सरकार से मांग करते हैं कि छठे वेतन आयोग के एरियर और लंबित भत्तों का जल्द भुगतान किया जाए। अगर बजट में इस पर कोई प्रावधान नहीं हुआ, तो हमें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।” – आत्माराम शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष
क्या हैं पेंशनर्स की मांगें?
- पेंशन का समय पर भुगतान (हर महीने की पहली तारीख को)
- छठे वेतन आयोग के एरियर और बकाया भत्तों की अदायगी
- डीए की लंबित किश्तों का जल्द भुगतान
- पेंशनर्स के लिए बजट में उचित प्रावधान किया जाए
सरकार का क्या कहना है?
सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन बजट सत्र में इस पर चर्चा होने की संभावना है।
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