शिमला। हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में अब मैन्युअल हाजिरी पूरी तरह से बंद होने जा रही है। सरकार ने 31 मार्च 2025 के बाद रजिस्टर पर उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया समाप्त करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
98% स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी लागू
प्रदेश के 98% स्कूलों ने पहले ही ऑनलाइन उपस्थिति प्रक्रिया को अपनाया है, जबकि बाकी स्कूल भी जल्द ही इसे पूरी तरह लागू कर लेंगे। 1 अप्रैल 2025 से सभी शिक्षकों और छात्रों की हाजिरी डिजिटल रूप से ही लगेगी।
समग्र शिक्षा निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के निर्देशानुसार अब शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति रियल-टाइम दर्ज करना अनिवार्य होगा।
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विद्या समीक्षा केंद्र का ‘स्मार्ट उपस्थिति ऐप’ लांच
ऑनलाइन अटेंडेंस को लागू करने के लिए विद्या समीक्षा केंद्र ने एक स्मार्ट उपस्थिति मोबाइल ऐप लांच किया है। इस ऐप के जरिए—
- शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति रियल-टाइम दर्ज होगी।
- राज्य और जिला स्तर पर ऑनलाइन डैशबोर्ड से अटेंडेंस मॉनिटरिंग की जा सकेगी।
- 14 लाख छात्रों का डाटा पहले ही इस सिस्टम में अपलोड किया जा चुका है।
शिक्षा विभाग के नए दिशा-निर्देश
- ऑनलाइन अटेंडेंस अनिवार्य: सभी स्कूलों को रोजाना शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति ऐप पर दर्ज करनी होगी।
- स्कूलों की ऑनलाइन निगरानी: अधिकारी अब किसी भी स्कूल की हाजिरी रिपोर्ट तुरंत देख सकेंगे।
- लर्निंग लेवल मूल्यांकन: पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों का लर्निंग डेटा भी ऑनलाइन अपडेट किया जाएगा।
नई प्रणाली से क्या बदलेगा?
- कागजी कार्यवाही खत्म होगी, प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी।
- स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों की वास्तविक उपस्थिति पर बेहतर निगरानी होगी।
- ऑनलाइन मॉनिटरिंग से सरकारी स्कूलों में अनुशासन और गुणवत्ता सुधारने में मदद मिलेगी।
स्कूलों को जल्द अपनानी होगी नई व्यवस्था
शिक्षा विभाग ने सभी जिला उपनिदेशकों और जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे ऑनलाइन अटेंडेंस लागू करने के लिए स्कूलों को आवश्यक सहायता प्रदान करें।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के स्कूलों में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को और बढ़ावा मिलेगा।
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