धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) अब सीबीएसई की तर्ज पर 11वीं कक्षा के लिए गणित विषय में बेसिक और स्टैंडर्ड स्तर के अलग-अलग सिलेबस तैयार करेगा। इस निर्णय से छात्रों को अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार गणित के स्तर का चयन करने की सुविधा मिलेगी।
क्या है योजना?
- राजकीय अध्यापक संघ ने यह मुद्दा उठाया था कि गणित विषय कई छात्रों के लिए कठिन साबित हो रहा है।
- कठिनाई के चलते विद्यार्थी अन्य पसंदीदा विषयों पर भी ध्यान नहीं दे पा रहे थे।
- इसी कारण से सीबीएसई की तरह 11वीं कक्षा में गणित को बेसिक और स्टैंडर्ड दो स्तरों में विभाजित करने की मांग की गई थी।
बेसिक और स्टैंडर्ड सिलेबस में क्या होगा अंतर?
| बेसिक गणित | स्टैंडर्ड गणित |
|---|---|
| आसान और व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर आधारित | गहरी अवधारणाओं और जटिल समस्याओं को शामिल किया जाएगा |
| छोटे और सरल सिलेबस | विस्तृत और कठिन सिलेबस |
| उन छात्रों के लिए उपयोगी जो गणित को आगे नहीं बढ़ाना चाहते | उच्च शिक्षा और गणितीय करियर के इच्छुक छात्रों के लिए |
HPBOSE का क्या कहना है?
- HPBOSE सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने कहा: “राजकीय अध्यापक संघ की मांग पर स्कूल शिक्षा बोर्ड 11वीं कक्षा से बेसिक और स्टैंडर्ड स्तर का सिलेबस बनाने की योजना पर काम कर रहा है।“
- उन्होंने कहा कि यह निर्णय छात्रों को उनकी भविष्य की शिक्षा और करियर के अनुसार सही विकल्प चुनने में सहायता करेगा।
छात्रों को क्या मिलेगा लाभ?
- कठिनाई के अनुसार गणित का स्तर चुनने की सुविधा।
- छात्रों को अन्य विषयों पर ध्यान देने का अधिक अवसर।
- करियर के अनुसार सही दिशा में मार्गदर्शन।
गौरतलब है कि सीबीएसई में पहले से ही इस तरह की व्यवस्था है, जिससे छात्रों को आसानी होती है। अब हिमाचल के छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





