एचआरटीसी चालकों-परिचालकों का प्रदर्शन, 6 मार्च को शिमला में उच्च स्तरीय बैठक
नाहन: हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के चालकों और परिचालकों का वित्तीय लाभों की लंबित अदायगी को लेकर रोष बढ़ता जा रहा है। इसी के तहत, नाहन में चालकों और परिचालकों ने जोरदार प्रदर्शन कर सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की।
चालक-परिचालक यूनियन की चेतावनी
परिचालक यूनियन के राज्य उपाध्यक्ष नवीन ठाकुर ने कहा कि सरकार और निगम प्रबंधन लंबे समय से सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन मांगों को लगातार दरकिनार किया जा रहा है।
- 6 मार्च को राजधानी शिमला में यूनियन की उच्च स्तरीय बैठक आयोजित होगी।
- अगर सरकार ने अंतिम तिथि तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया तो आंदोलन तेज होगा।
- अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी विचार किया जा सकता है।
सरकार और प्रबंधन को सौंपी जाएगी मांगों की सूची
नवीन ठाकुर ने कहा कि 6 मार्च को सुबह 10 से 11 बजे के बीच मुख्यमंत्री और प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
उन्होंने जनता को आगाह करते हुए कहा कि यदि सरकार समय पर निर्णय नहीं लेती है और चक्का जाम होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और निगम प्रबंधन की होगी।
संभावित हड़ताल से बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका
यदि एचआरटीसी यूनियन ने हड़ताल का फैसला लिया तो प्रदेशभर में बस सेवाएं बाधित हो सकती हैं। यूनियन ने सरकार से समय रहते सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
क्या हैं कर्मचारियों की मांगें?
- लंबित वित्तीय लाभों का शीघ्र भुगतान
- निगम प्रबंधन द्वारा किए गए वादों को पूरा करना
- कर्मचारियों को समय पर वेतन और भत्तों की अदायगी
जनता से सहयोग की अपील
एचआरटीसी यूनियन ने हिमाचल की जनता से भी सहयोग की अपील की है। यूनियन का कहना है कि अगर 6 मार्च के बाद कोई परेशानी आती है, तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।