जम्मू कश्मीर के कठुआ में एक बड़े हादसे ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। कठुआ के शिवानगर इलाके में बुधवार को एक घर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से घर में सो रहे छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। आग से चार लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। यह हादसा सेवानिवृत्त डीएसपी अवतार कृष्ण के घर हुआ, जहां शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी और लोग कुछ समझ पाते, इससे पहले ही दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गई।
हादसा: रात का दर्दनाक मंजर
रात को लगी भीषण आग
शिवानगर में सेवानिवृत्त डीएसपी अवतार कृष्ण के घर में रात के समय अचानक आग लग गई। प्रारंभिक जांच के अनुसार आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। आग इतनी तेज़ फैली कि सो रहे लोग संभल नहीं पाए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
मृतकों और घायलों की जानकारी
- मृतक:
- गंगा भगत (17 वर्ष), शहीदी चौक, कठुआ
- दानिश भगत (15 वर्ष), शहीदी चौक, कठुआ
- अवतार कृष्ण (81 वर्ष), वार्ड नं. 16, शिवानगर
- बरखा रैना (25 वर्ष), शिवानगर
- तकश रैना (3 वर्ष), शिवानगर
- अद्विक रैना (4 वर्ष), जगती, नगरोता
- घायल:
- स्वर्णा (61 वर्ष), शिवानगर
- नीतु देवी (40 वर्ष), शहीदी चौक
- अरुण कुमार, बटोत, रामबन
- केवल कृष्ण (69 वर्ष), शिवानगर
घायलों को जीएमसी कठुआ में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।
राहत और बचाव कार्य: पुलिस और दमकल की टीम पहुंची
घटनास्थल पर पहुंची आपातकालीन टीम
घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि, आग की लपटें इतनी तेज़ थीं कि लोगों को बाहर निकालने में काफी समय लग गया।
जीएमसी कठुआ के प्रधानाचार्य डॉ. सुरिंदर अत्री ने बताया कि मृतकों की मौत धुंआ और आक्सीजन की कमी के कारण हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में भेज दिया गया है।
आग की वजह: प्रारंभिक जांच
प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग का मुख्य कारण बताया जा रहा है। देर रात लगी इस आग के कारण घर में सो रहे लोग भागने का कोई मौका नहीं पा सके और वे उसकी चपेट में आ गए।
इलाके में शोक की लहर
परिवारों का गहरा दुख
इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। मृतकों के परिवारों का बुरा हाल है, और लोग लगातार प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए मदद की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोग इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त कर रहे हैं और पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।
निष्कर्ष: सुरक्षा उपायों की आवश्यकता
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि घरों में सुरक्षा उपायों का पालन कितना जरूरी है। आग जैसे हादसों से बचने के लिए फायर सेफ्टी के उपायों को गंभीरता से लेना चाहिए। प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे।
📢 लेटेस्ट न्यूज़
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें
ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए अभी हमारे WhatsApp ग्रुप का हिस्सा बनें!
Join WhatsApp Group





