Himachalnow / धर्मशाला
2024 के हिमाचल विधानसभा के शीतकालीन सत्र के प्रश्नकाल के दौरान, ग्रामीण विकास और पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जियो टैगिंग प्रक्रिया के तहत केवल पात्र लोगों का ही चयन प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए किया जाएगा।
1. जियो टैगिंग और पात्रता का महत्व
जियो टैगिंग प्रक्रिया
मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में केवल उन लाभार्थियों का चयन किया जाएगा, जिनकी पात्रता जियो टैगिंग के दौरान सही पाई जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत, हर लाभार्थी का डेटा ऑनलाइन और ट्रैक किया जाएगा, और केवल वही लोग पात्र होंगे, जिनकी जानकारी इस प्रक्रिया में सही मानी जाएगी।
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किसी विशेष पैकेज की कमी
उन्होंने यह भी बताया कि हिमाचल प्रदेश को प्रधानमंत्री आवास योजना में कोई विशेष पैकेज नहीं मिला है। वर्ष 2018 में इसका पहला सर्वे किया गया था, और हाल ही में एक और सर्वे किया गया था। अगर कोई व्यक्ति अब पात्र नहीं है, तो उसकी धनराशि कहीं और ट्रांसफर नहीं की जाएगी। बल्कि, यह धनराशि लैप्स (ब्याज में नहीं आएगी) हो जाएगी क्योंकि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा रही है।
2. मंत्री का जवाब: भाजपा विधायकों के सवालों का स्पष्टीकरण
सवालों पर मंत्री का जवाब
विधानसभा में भाजपा के विधायकों विनोद कुमार, रणधीर शर्मा, जीतराम कटवाल, पवन काजल, हंसराज और सुखराम चौधरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े सवाल उठाए थे। उन्होंने 2018 के सर्वे में शामिल पात्र लाभार्थियों और वर्तमान स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की थी। इस पर मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने स्थिति को स्पष्ट किया।
पंचायत प्रधानों को चेतावनी
मंत्री ने कहा कि इस साल 92,000 मकानों के आवंटन का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने पंचायत प्रधानों को चेतावनी दी कि वे आवंटन में मनमानी न करें। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में, 30 नवंबर तक, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में कुल 81,928 आवासों के पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति दी गई है।
3. आवास निर्माण के लिए स्वीकृत धनराशि और खर्च
कुल स्वीकृत धनराशि
मंत्री ने बताया कि इन आवासों के निर्माण के लिए कुल 1,22,892 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी शामिल है।
खर्च की गई राशि
अब तक आवास निर्माण के लिए 56,723.38 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि जो लोग इस योजना में पात्र हैं, वे अब आवेदन कर सकते हैं, और उनका चयन जियो टैगिंग प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा।
4. भाजपा विधायकों की चिंता: 2018 सर्वे के आधार पर चयन
नए सर्वे के बाद अपात्र मानना
भाजपा विधायकों ने यह सवाल उठाया कि 2018 के सर्वे में जो लोग पात्र थे, लेकिन अब उन्होंने कुछ वर्षों में एक पक्का मकान बना लिया है, उन्हें अपात्र नहीं माना जाना चाहिए। इसके अलावा, जिन लोगों को पहले आवास आवंटन किए गए थे, अब दूसरे सर्वे के बाद उनके नाम सूची से काटे जा रहे हैं। भाजपा विधायकों का कहना था कि 2018 के सर्वे को ही आधार बनाना चाहिए।
मंत्री का जवाब: नियमों के तहत कोई छूट नहीं
मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने इन सवालों का जवाब देते हुए कहा कि भारत सरकार के नियमों के तहत इस प्रकार की छूट नहीं दी जा सकती। जियो टैगिंग प्रक्रिया के साथ पूरी योजना ऑनलाइन है, और जो लोग इस योजना के तहत पात्र हैं, वे ही आवेदन कर सकते हैं।
5. राज्यभर में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी
मंत्री ने राज्य भर में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृत आवासों के आंकड़े भी साझा किए:
| जिला | लाभार्थी संख्या |
|---|---|
| बिलासपुर | 1,480 |
| चंबा | 17,976 |
| हमीरपुर | 2,511 |
| कांगड़ा | 21,565 |
| किन्नौर | 306 |
| कुल्लू | 2,699 |
| लाहौल-स्पीति | 28 |
| मंडी | 14,370 |
| शिमला | 5,926 |
| सिरमौर | 9,461 |
| सोलन | 2,125 |
| ऊना | 3,481 |
| कुल | 81,928 |
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री आवास योजना में जियो टैगिंग के माध्यम से पात्रता सुनिश्चित की जाएगी, और केवल पात्र व्यक्तियों का ही चयन किया जाएगा। मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने यह स्पष्ट किया कि प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन है, और कोई भी व्यक्ति जो पात्र नहीं है, उसे लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही, पंचायत प्रधानों को चेतावनी दी गई है कि वे आवंटन में पारदर्शिता बनाए रखें।
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