मंडी: सरदार पटेल यूनिवर्सिटी (SPU) मंडी में विद्यार्थियों के प्रदर्शन और विरोध के बाद शुक्रवार को कुलपति प्रो. ललित कुमार अवस्थी की अध्यक्षता में अकादमिक परिषद की बैठक हुई, जिसमें सप्लीमेंट्री परीक्षा पास करने वाले छात्रों को लेकर एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
क्या है नया नियम?
अब दिसंबर में तीन या अधिक विषयों की सप्लीमेंट्री परीक्षा पास करने वाले प्रथम वर्ष के विद्यार्थी अप्रैल में परीक्षा के बाद ही द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर सकेंगे। इससे पहले, इन छात्रों को सीधे अगली कक्षा में प्रमोट करने को लेकर असमंजस बना हुआ था।
विद्यार्थियों और छात्र संगठनों का विरोध
छात्र संगठन एनएसयूआई का आरोप है कि पिछले साल तीन विषयों में फेल हुए विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री देने का मौका दिया गया था। अब जब वे पास हो चुके हैं और सेकंड ईयर की परीक्षा के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो विवि प्रशासन उन्हें फर्स्ट ईयर में ही रोक रहा है।
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अकादमिक परिषद का पक्ष
अकादमिक परिषद का मानना है कि यह निर्णय शैक्षणिक मानकों और शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लिया गया है। परिषद के अनुसार, बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने न तो आवश्यक कक्षाएं अटेंड की थीं और न ही प्रैक्टिकल किए थे, जो उनके शैक्षणिक विकास के लिए अनिवार्य हैं।
क्या बोले कुलपति?
कुलपति प्रो. ललित अवस्थी ने कहा,
“यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि छात्र सभी शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करें, जिससे उनकी भविष्य की व्यावसायिक क्षमता प्रभावित न हो। इस निर्णय से ड्रॉपआउट की संख्या भी कम होगी और छात्रों का साल भी बर्बाद नहीं होगा।”
पिछले साल दी गई थी राहत
9 अक्टूबर 2024 को हुई अकादमिक परिषद की बैठक में उत्तीर्ण मानदंडों में छूट दी गई थी, जिससे 3,217 छात्रों को लाभ हुआ था। लेकिन अब शैक्षणिक गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए, कड़े नियम लागू किए जा रहे हैं।
इस फैसले के बाद SPU मंडी के छात्रों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई छात्र संगठन इस फैसले को लेकर असंतोष जता रहे हैं, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन इसे शिक्षा के स्तर को बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रहा है।
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