हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPPCL) में मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत विमल नेगी का बिलासपुर के भाखड़ा बांध में शव मिलने के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। प्रदेश विधानसभा के शिमला में चल रहे बजट सत्र में इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि एचपीपीसीएल की कार्यप्रणाली लंबे समय से सवालों के घेरे में रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार को मामले की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए और सीबीआई जांच के विकल्प पर विचार करना चाहिए।
हत्या या आत्महत्या?
विपक्ष का कहना है कि विमल नेगी की मौत की गहराई से जांच होनी चाहिए, क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि यह हत्या थी या आत्महत्या। परिवार के सदस्यों ने भी सरकार और पुलिस प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की थी।
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डिप्रेशन में थे विमल नेगी?
परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर भारी दबाव था, जिसके कारण वे मानसिक तनाव में थे। HPPCL के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों ने भी इस मुद्दे को लेकर कई सवाल उठाए हैं और मामले की गहन जांच की मांग की है।
सरकार से निष्पक्ष जांच की अपील
विधानसभा में इस मुद्दे पर विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष ने स्पष्ट किया कि अगर मामले में कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, सरकार ने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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