Category: Lahaul and Spiti

  • स्पिति घाटी की ‘छोमो’ को भी मिलेगा 1500 रुपए प्रतिमाह पेंशन का लाभ- मुख्यमंत्री

    स्पिति घाटी की ‘छोमो’ को भी मिलेगा 1500 रुपए प्रतिमाह पेंशन का लाभ- मुख्यमंत्री

    घाटी के मठों के लिए उदार सहायता पर मुख्यमंत्री की स्थानीय लोगों ने की सराहना

    HNN/ लाहौल-स्पीति

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू स्पिति घाटी, जिसे ‘लामाओं की भूमि’ भी कहा जाता है, उन्होंने अपने तीन दिवसीय प्रवास के दौरान लामाओं से जुड़े और यहां की अनूठी संस्कृति एवं परम्पराओं के प्रति गहरी रूचि दिखाई। उन्होंने मठों की विभिन्न मांगों को पूरा भी किया।

    स्पिति घाटी की महिलाओं को एक महत्वपूर्ण तोहफा देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पिति घाटी की 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को आगामी जून माह से 1500 रुपए प्रतिमाह पेंशन प्रदान करने की घोषणा की और घाटी की बौद्ध भिक्षुणी ‘छोमो’ भी इससे लाभान्वित होगी।

    मुख्यमंत्री ने की-गोम्पा में अपने सम्बोधन में कहा कि हिमाचल दिवस के अवसर पर राज्य सरकार ने स्पिति घाटी की छोमो सहित सभी महिलाओं को 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन का एक बड़ा तोहफा दिया है, जिससे इन महिलाओं में आत्म-सम्मान की भावना और मजबूत होगी।

    प्रवास के प्रथम दिन सगनम हेलीपैड पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री ने कुंगरी, ढंखर, काजा और की मठों में पूजा-अर्चना की और बौद्ध धर्म की परंपराओं और इतिहास को नजदीक से जाना व समझा। मुख्यमंत्री बनने के बाद स्पिति घाटी के अपने पहले प्रवास में ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू का लामाओं द्वारा पारंपरिक परिधान भेंट कर स्वागत किया गया।

    मुख्यमंत्री ने घाटी के विभिन्न मठों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कुंगरी गोम्पा को 50 लाख रुपए देने तथा ढंखर गोम्पा के लिए छात्रावास निर्माण और पेयजल योजना की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने की-गोम्पा के ध्यान केंद्र को स्तरोन्नत करने का भी आश्वासन दिया, जिसके लिए सरकार द्वारा समुचित धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी।

    प्रवास के दौरान स्पिति घाटी के विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री से भेंट की और उन्हें अपनी विभिन्न मांगों से अवगत करवाया। मुख्यमंत्री ने चिचम में एशिया के सबसे ऊंचे पुल का निरीक्षण भी किया। स्थानीय लोगों की मांग पर उन्होंने चिचम गांव के लिए पेयजल योजना के निर्माण पर विचार करने का वादा किया।

    स्पिति घाटी में किसी भी मुख्यमंत्री के सबसे लम्बे प्रवास से स्थानीय लोगों में हर्ष एवं उत्साह साफ दिखा और ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के सरल व मिलनसार व्यक्तित्व से हर कोई प्रभावित नजर आया। घाटी के मठों के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा और घाटी की महिलाओं को पेंशन के रूप में सम्मान राशि की घोषणा की विभिन्न वर्गों ने सराहना की।

  • प्रदेश सरकार स्पिति घाटी में सौर परियोजनाएं स्थापित करने के लिए प्रयत्नशील- मुख्यमंत्री

    प्रदेश सरकार स्पिति घाटी में सौर परियोजनाएं स्थापित करने के लिए प्रयत्नशील- मुख्यमंत्री

    HNN/ लाहौल-स्पीति

    मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने काजा स्थित प्रसिद्ध की-गोम्पा में पूजा अर्चना की और प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर लोगों को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्पिति घाटी में सोलर ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने के लिए प्रयत्नशील है।

    उन्होंने की-गोम्पा में मैडिटेशन सेंटर को स्तरोन्नत करने की घोषणा भी की। इसका पूर्ण व्यय प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने आज हिमाचल दिवस के अवसर पर जून, 2023 से स्पिति घाटी की 18 वर्ष से अधिक आयु की 9000 महिलाओं को 1500 रुपए मासिक पेंशन देने की घोषणा की है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को गठित हुए अभी लगभग 120 दिन हुए हैं और वह 3 दिन के लाहौल-स्पिति जिला के प्रवास पर आए हैं ताकि वह इस क्षेत्र में लोगों की समस्याओं को जान व समझ कर उनका समाधान सुनिश्चित कर सकें। यह उनकी सरकार की जनजातीय क्षेत्रों के प्रति प्रतिबद्धता को परिलक्षित करता है।

    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सभी वर्गों का कल्याण सुनिश्चित करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने के लिए सशक्त प्रयास कर रही है। राजस्व बढ़ाने की दिशा में भी नवोन्मेश पहल की जा रही हैं। उन्होंने रौंग-टौंग में निर्माणाधीन दो मैगावाट की सौर परियोजना और रौंग-टौंग जलविद्युत परियोजना का निरीक्षण भी किया।

  • मुख्यमंत्री ने हिमाचल गौरव और प्रेरणास्रोत पुरस्कार किए  प्रदान

    मुख्यमंत्री ने हिमाचल गौरव और प्रेरणास्रोत पुरस्कार किए प्रदान

    HNN/ लाहौल-स्पीति

    हिमाचल दिवस के अवसर पर लाहौल-स्पीति के काजा में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने समाज सेवा, खेल, संस्कृति के संरक्षण और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए विभिन्न व्यक्तित्वों को ‘हिमाचल गौरव’ और ‘प्रेरणास्रोत’ पुरस्कार से सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने बिलासपुर जिले के घुमारवीं के छत्त प्राथमिक पाठशाला के अध्यापक लकेश चंदेल को ‘हिमाचल गौरव’ पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने स्कूल भवन के समीप भू-स्खलन में 36 विद्यार्थियों की जान बचाई थी।

    मुख्यमंत्री ने प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोकगीतों को संरक्षित करने के लिए प्रदेश के प्रसिद्ध गायक करनैल राणा और साहित्यिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए सोलन जिले के नेम चंद को ‘हिमाचल गौरव’ पुरस्कार से सम्मानित किया।

    मुख्यमंत्री ने सिरमौर जिले की रानी को खेल गतिविधियों में उनकी विशिष्ट उपलब्धियों के लिए हिमाचल गौरव पुरस्कार प्रदान किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन हिमाचल प्रदेश की टीबी उन्मूलन टीम को ‘सिविल सेवा पुरस्कार’ प्रदान किया गया।

    पाइनग्रोव स्कूल कसौली के कार्यकारी निदेशक कैप्टन अमर्योत सिंह, मंडी जिले के पदमश्री नेक राम शर्मा और शिमला जिला के कोटखाई के प्रेम सिंह चौहान को प्रेरणास्रोत अवार्ड से सम्मानित किया गया।

  • मुख्यमंत्री ने काजा में राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह की करी अध्यक्षता

    मुख्यमंत्री ने काजा में राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह की करी अध्यक्षता

    कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत बढ़ोतरी की घोषणा  

    HNN/ लाहौलस्पीति

    प्रदेश में आज 76वां हिमाचल दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। लाहौल-स्पीति के काजा में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। आकर्षक परेड में पुलिस, होमगार्ड, ट्रैफिक पुलिस, आईआरबी, एनसीसी कैडेट, आईटीबीपी और भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की टुकड़ियों ने भाग लिया।

    परेड कमांडर अमित यादव ने मार्च पास्ट का नेतृत्व किया। प्रदेश के गठन के बाद जनजातीय क्षेत्र में लगभग 12000 फुट की ऊंचाई पर स्थित काजा में राज्य स्तरीय हिमाचल दिवस समारोह पहली बार आयोजित किया गया। 

    इस अवसर पर संबोधन में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों को हिमाचल दिवस की बधाई देते हुए राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार तथा हिमाचल प्रदेश को विशेष पहचान और पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए अथक प्रयास करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

    मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए महंगाई भत्ते में तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी की घोषणा की। इसे 31 प्रतिशत से बढ़ाकर 34 प्रतिशत किया गया है। इस निर्णय से राज्य के लगभग 2.15 लाख कर्मचारी और 1.90 लाख पेंशनधारक लाभान्वित होंगे। इससे राजकोष पर लगभग 500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

    उन्होंने दूसरे चरण में, जून 2023 से स्पीति घाटी की 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी 9000 महिलाओं को 1500 रुपए की मासिक पेंशन और काजा में एक महाविद्यालय और 50 बिस्तर क्षमता के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को कार्यशील करने की भी घोषणा की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्पीति घाटी के रंगरिक में हवाई पट्टी विकसित करने का मुद्दा रक्षा मंत्रालय के समक्ष उठाएगी, क्योंकि यह सामरिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि रौंगटौंग में एक हेलीपोर्ट का निर्माण किया जाएगा और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में पिन घाटी में अटारगु से मुद तक 34 करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण किया जाएगा।

    इसके अतिरिक्त, सरकार भावा को मुद से जोड़ने के लिए प्राथमिकता के आधार पर सड़क का निर्माण करेगी। केंद्र सरकार की सहायता से लांग्जा में एक स्टार-गेज़िंग वेधशाला स्थापित की जाएगी। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि काजा के पास शेगो में राजीव गांधी मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल की स्थापना के लिए जमीन चिन्हित कर ली गई है, जो इस क्षेत्र में शिक्षा के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम होगा।

    इस अवसर पर ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने अनाथ बच्चों को सहायता प्रदान करने के लिए 101 करोड़ रुपए के प्रारंभिक प्रावधान के साथ मुख्यमंत्री सुख-आश्रय कोष की स्थापना की है। सरकार ने मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना के तहत लगभग 6,000 अनाथ बच्चों को ‘चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट’ के रूप में अपनाया है।

    प्रदेश सरकार उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के अपने वायदे को पूरा किया है। इससे 1.36 लाख सरकारी कर्मचारी लाभान्वित होंगे। राज्य सरकार ने प्रदेश की 2.31 लाख महिलाओं को 1500 रुपए मासिक पेंशन देने के अपने वायदे को भी पूर्ण किया है।

    उन्होंने कहा कि विधवा एवं एकल नारी आवास योजना के तहत इस वर्ष 7000 महिलाओं को आवास निर्माण के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि पैतृक संपत्ति के स्वामित्व में बेटियों को समान अधिकार प्रदान करने के लिए लैंड होल्डिंग सीलिंग अधिनियम, 1972 में संशोधन किया गया है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य नई पहलों के माध्यम से राज्य को आत्मनिर्भर बनाना और अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। सरकार ने राज्य को मार्च 2026 तक हरित ऊर्जा राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    उन्होंने कहा कि सरकार ने हरित हाइड्रोजन और अमोनिया परियोजना के लिए एक समझौता किया है, जिससे रोजगार के 3500 से अधिक अवसर सृजित होंगे और इससे 4,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश भी आकर्षित होगा। राज्य ने 6 ग्रीन कॉरिडोर घोषित किए हैं, जिनसे इलेक्ट्रिक वाहनों को सुविधा प्राप्त होगी।

    इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक बसों, ट्रकों, टैक्सियों, ऑटो और ई-गुड्स वाहन खरीदने वाले निजी ऑपरेटरों को 50 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। जिला कांगड़ा को राज्य की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

    पर्यटन विस्तार के लिए कांगड़ा में हवाई अड्डे का निर्माण महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, सभी जिला मुख्यालयों को हवाई परिवहन से जोड़ने के लिए हेलीपोर्ट का निर्माण और विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार नए स्कूल स्थापित करने के बजाय मौजूदा स्कूलों में सुविधाओं की गुणवत्ता बढ़ाकर शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक राजीव गांधी राजकीय मॉडल डे-बोर्डिंग स्कूल स्थापित करेगी। इन विद्यालयों में अत्याधुनिक शिक्षा के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।  मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा 200 करोड़ रुपए की राजीव गांधी उच्च शिक्षा प्रोत्साहन योजना आरंभ की गई है।

    इसके माध्यम से इंजीनियरिंग, चिकित्सा, एमबीए, पीएचडी और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के छात्रों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा। ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि सरकार ने कृषि क्षेत्र के समग्र विकास को बढ़ावा देने के लिए हिम उन्नति योजना शुरू की है। इसके तहत दूध, दाल, सब्जियां, फल, फूल और नकदी फसलों के क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।

    कृषि, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन क्षेत्रों में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए दो प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के लिए मनरेगा दिहाड़ी 266 रुपए से बढ़ाकर 294 रुपए कर दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने बिजली उत्पादन करने वाले पानी पर ‘वाटर सेस’ लगाने का निर्णय लिया है।

    शराब की खुदरा दुकानों का आवंटन नीलामी की प्रक्रिया से किया गया है। इस निर्णय से 40 प्रतिशत अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचारमुक्त प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने राज्य में सभी वर्गों और क्षेत्रों के लिए समान और संतुलित विकास के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर पर आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाले प्रतिभागियों और लाहौल स्पीति जिला के सरकारी कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार भी प्रदान किए तथा उनके प्रयासों की सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने स्पीति घाटी के लिए तीन एंबुलेंस भी समर्पित कीं और क्रिकेट ग्राउंड काजा में पौधरोपण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकासात्मक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

    इस अवसर पर विधायक रवि ठाकुर, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की धर्मपत्नी कमलेश ठाकुर, पूर्व मंत्री फुन्चोग राय, पूर्व विधायक रघुवीर सिंह, मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव भरत खेड़ा, मुख्यमंत्री के ओएसडी गोपाल शर्मा, प्रधान सलाहकार (मीडिया) नरेश चौहान और अन्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

    इससे पहले, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने काजा मठ में पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

  • स्पिति घाटी तक होगा 4जी सेवाओं का विस्तार- सीएम सुक्खू

    स्पिति घाटी तक होगा 4जी सेवाओं का विस्तार- सीएम सुक्खू

    कुंगरी मोनेस्ट्री के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा

    HNN/ लाहौल-स्पिति

    हिमाचल के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने जिला लाहौल-स्पिति के कुंगरी गोम्पा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों की कठिनाइयों से भलीभांति परिचित है और उनके दैनिक जीवन को सरल एवं सुलभ बनाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    उन्होंने कहा कि स्पिति घाटी की समस्याओं के हल के लिए स्थानीय विधायक के साथ विचार-विमर्श कर योजनाएं तैयार कर उन्हें लागू करेंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए तकनीक के अधिकाधिक उपयोग पर बल दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि स्पिति घाटी तक 4जी सेवाओं का विस्तार कर इससे आर्थिकी को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पदभार ग्रहण करने के बाद वह पहली बार स्पिति के प्रवास पर आए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों के विकास के लिए दृढ़ संकल्प है और इस वर्ष हिमाचल दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह काजा में मनाया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की संस्कृति एवं यहां के लोगों से जुड़ाव और भी सशक्त होगा।

    ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि पूर्व सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन के कारण गर्त में गई अर्थव्यवस्था को पुनः पटरी पर लाने की दिशा में प्रदेश सरकार ठोस कदम उठा रही है और आगामी चार वर्षों में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सहयोग से अगले दस वर्षों में हिमाचल देश के सबसे समृद्ध राज्यों की श्रेणी में शुमार होगा।

    उन्होंने पुनः दोहराया कि वह सत्ता सुख के लिए नहीं आए हैं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि बजट में पात्र विधवा महिलाओं को गृह निर्माण के लिए डेढ़ लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करने के साथ-साथ गरीब बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज पर शिक्षा ऋण का प्रावधान किया गया है।

    सौर ऊर्जा को स्वरोजगार से जोड़ते हुए प्रदेश सरकार ने 250 किलोवाट से दो मेगावाट तक सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए 40 प्रतिशत सब्सिडी का प्रावधान किया है, जिससे युवाओं को आय के साधन उपलब्ध होंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कुंगरी मोनेस्ट्री के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की।

  • Himachal Day 2023: कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की तीन फीसदी किस्त जारी होगी- सीएम सुक्खू

    Himachal Day 2023: कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की तीन फीसदी किस्त जारी होगी- सीएम सुक्खू

    HNN/ लाहौल-स्पीति

    प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने आज 15 अप्रैल यानि शुक्रवार को हिमाचल दिवस का राज्य स्तरीय समारोह के अवसर पर लाहौल-स्पीति के काजा में कर्मचारियों को लेकर एक ऐलान किया है।

    बता दें सीएम सुक्खू ने कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की तीन फीसदी किस्त जारी करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल में अब 31 के बजाय अब महंगाई भत्ता 34 प्रतिशत होगा।

    इसके अलावा सीएम ने कहा कि पहले चरण में हिमाचल की 2.31 लाख महिलाओं को पेंशन देंगे। उन्होंने कहा कि स्पीति घाटी की सभी महिलाओं को जून से 1500-1500 रुपए की पेंशन दी जाएगी।

    उन्होंने कहा कि स्पीति घाटी के रंगरीक में हवाई पट्टी बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्रालय से यह मामला उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्पीति में स्टार गेजिंग के लिए भी एक ऑब्जर्वेटरी बनेगी।

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आने वाले दस साल में हिमाचल देश का सबसे अमीर राज्य होगा। शोंगटोंग में हैलीपोर्ट और राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल बनेगा।

    सीएम ने कहा कि राज्य में निर्मित वाटर परियोजनाओं पर वाटर सैस लगाने से राज्य को 1500 से 2000 करोड़ की आमदनी की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि काजा की दूरी को 110 किलोमीटर कम करने के उद्देश्य से सुरंग का निर्माण भी किया जाएगा।

    इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ट्राइबल क्षेत्र में मनरेगा दिहाड़ी को 266 से 294 रुपए करने का ऐलान किया।  इसके अलावा मनरेगा के दिहाड़ीदारों की मजदूरी 212 से बढ़ाकर 240 रुपए की गई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्टार्टअप में पंजीकृत उद्यमियों को कम दर के ब्याज पर ऋण उपलब्ध करवाने का भी ऐलान किया।

  • दुनिया की सबसे ऊंचाई पर बनेगी शिंकुला टनल, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

    दुनिया की सबसे ऊंचाई पर बनेगी शिंकुला टनल, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य

    HNN/ लाहौल-स्पीति

    हिमाचल प्रदेश में दुनिया की सबसे अधिक ऊंचाई पर बनने वाली शिंकुला टनल का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने वाला है। बता दें इस टनल का निर्माण शिंकुला दर्रे पर समुद्र तल से 16,580 फीट की ऊंचाई पर होगा। इस टनल की लंबाई 4.1 किलोमीटर होगी। इसके लिए 1681 करोड़ रुपए की राशि जारी हो चुकी है।

    यह राशि भारत सरकार ने जारी की है। यह टनल सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इस टनल के जरिए पाकिस्तान और चीन सीमा तक भारतीय जवानों की पहुंच आसान हो जाएगी। बीआरओ महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने शनिवार को मनाली-लेह, दारचा-शिंकुला मार्ग पर दीपक परियोजना और संगठन के योजक की ओर से निष्पादित सड़क कार्यों का निरीक्षण किया।

    उन्होंने अटल टनल रोहतांग में हो रहे कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि शिंकुला टनल सभी मौसम में लद्धाख के जांस्कर, निमो, पदुम को हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति और कुल्लू जिले को जोड़े रखेगी। सीमा सड़क संगठन देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों, सुरंगों और हवाई अड्डों का निर्माण करने वाला एक प्रमुख संगठन है।

  • चंद्रा नदी में डूबा झारखंड का व्यक्ति, गई जान

    चंद्रा नदी में डूबा झारखंड का व्यक्ति, गई जान

    HNN/ लाहौल-स्पीति

    जिला लाहौल-स्पीति के चंद्रा नदी में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। गोताखोरों ने देररात बारिश के बीच सर्च ऑपरेशन चलाते हुए उसका शव बरामद किया।

    मृतक की पहचान शुखु मरांडी पुत्र सुफल मरांडी निवासी दुमका, झारखंड के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। साथ ही घटना के संदर्भ में मामला दर्ज कर आगामी कार्यवाही अमल में लाई है।

    जानकारी के मुताबिक, पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही कोकसर पंचायत के स्थानीय राफ्ट संचालकों को मदद के लिए बुलाया। स्थानीय युवकों ने अंधेरे में टोर्च की रोशनी में देर रात तक नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया।

    कड़ी मशक्कत के बाद शव को नदी से बाहर निकाला गया। मामले की पुष्टि एसपी मानव वर्मा ने की है। उन्होंने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • लाहौल के गोंधला में हुआ हिमस्खलन, नहीं हुआ कोई जानी नुक्सान

    लाहौल के गोंधला में हुआ हिमस्खलन, नहीं हुआ कोई जानी नुक्सान

    HNN/ लाहौल-स्पीति

    जिला में लाहौल घाटी के गोंधला के सामने शूलिंग की पहाड़ियों में आज हिमस्खलन हुआ है। हालांकि इस हिमस्खलन से किसी तरह का कोई जान-माल का नुक्सान होने की पुष्टि नहीं हुई है। बता दें आसपास गिरे हिमस्खलन का बवंडर उठने से गोंधला के ग्रामीण सहम उठे।

    लाहौल-स्पीति प्रशासन ने चंद्राघाटी आने वाले पर्यटकों को आगाह किया है कि बर्फ देखकर ऊपर पहाड़ की तरफ का रुख न करें। उन्होंने कहा कि अभी पहाड़ बर्फ से ढके हैं और खराब मौसम और तेज धूप से पहाड़ियों से हिमस्खलन का खतरा ज्यादा हो जाता है।

  • यांगला गांव के समीप ब्रेन नाला में हुआ हिमस्खलन, नहीं हुआ कोई जानी नुक्सान

    यांगला गांव के समीप ब्रेन नाला में हुआ हिमस्खलन, नहीं हुआ कोई जानी नुक्सान

    HNN/ लाहौल-स्पीति

    जिला में लाहौल घाटी के यांगला गांव के समीप ब्रेन नाला में आज हिमस्खलन हुआ है। हालांकि इस हिमस्खलन से किसी तरह का कोई जान-माल का नुक्सान होने की पुष्टि नहीं हुई है। घटना आज सुबह करीब 10:56 की है। जानकरी के मुताबिक, आज सुबह गांव यांगला की ब्रेन नाला की पहाड़ी से हिमस्खलन हुआ।

    हिमस्खलन के उठते बवंडर का एक विडिओ यांगला गांव की मिंटू ने गोंधला से अपने मोबाइल कैमरे में भी कैद किया है। लाहौल-स्पीति प्रशासन ने चंद्राघाटी आने वाले पर्यटकों को आगाह किया है कि बर्फ देखकर ऊपर पहाड़ की तरफ का रुख न करें। उन्होंने कहा कि अभी पहाड़ बर्फ से ढके हैं और खराब मौसम और तेज धूप से पहाड़ियों से हिमस्खलन का खतरा ज्यादा हो जाता है।