Category: KULLU

  • शिमला के पर्वतारोही का पांचवें दिन भी नहीं लगा कोई सुराग, आज फिर रवाना होगी टीम

    शिमला के पर्वतारोही का पांचवें दिन भी नहीं लगा कोई सुराग, आज फिर रवाना होगी टीम

    HNN / कुल्लू

    शिमला के पर्वतारोही आशुतोष का पांचवे दिन भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। टीम द्वारा लगातार पर्वतारोही को ढूंढने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लग पाई है। वहीं, आज फिर वीरवार को टीम युवक की तलाश के लिए रवाना हो गई है।

    बता दे कि बुधवार को युवक की तलाश के लिए रेको एवलांच रेस्क्यू डिवाइस की मदद से एडवेंचर टूर ऑपरेटर एसोसिएशन (एटीओए) की टीम ने दिनभर सर्च ऑपरेशन चलाया। हिमस्खलन वाले स्थान पर फ्रेंडशिप पीक के एक ओर करीब 500 मीटर के दायरे में तलाश की गई। लेकिन उसके बाद भी सफलता हाथ नही लग पाई है।

    बता दे, शनिवार सुबह शिमला का पर्वतारोही आशुतोष फ्रेंडशिप पीक पर हिमस्खलन की चपेट में आ गया था। जिसके बाद पर्वतारोही को तलाशने के लिए टीमों को मौके की ओर रवाना किया गया। बेटे का अभी तक कोई सुराग न लग पाने के चलते परिजनों की चिंता लगातार बढ़ती ही जा रही है।

  • स्कूली छात्रा ने पुल से छलांग लगाकर की आत्महत्या

    स्कूली छात्रा ने पुल से छलांग लगाकर की आत्महत्या

    HNN/ कुल्लू

    प्रदेश के जिला कुल्लू में स्कूली छात्रा ने पुल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है। वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में पोस्टमार्टम करवाया। हालांकि, छात्रा ने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।

    बताया जा रहा है कि बीती शाम स्कूली छात्रा को लोगों ने पुल पर घूमते हुए देखा और थोड़ी देर बाद स्कूली छात्रा ने जिया पुल से छलांग लगा दी। जिसके बाद इस बारे में ग्राम पंचायत जिया के प्रधान संजीव कुमार ने भुंतर पुलिस को सूचना। सूचना मिलने के बाद पुलिस की टीम जब मौके पर पहुंची तो देखा कि छात्रा का स्कूली बैग पुल के ऊपर ही पड़ा हुआ था।

    जिसके बाद पुलिस ने सर्च अभियान चलाया परंतु छात्रा का कहीं कोई सुराग नहीं लग पाया। इसी बीच आज सुबह लोगों ने छात्रा का शव ब्यास-पार्वती संगम के बीच में फंसा हुआ देखा तो पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और राफ्टिंग के सहयोग से रेस्क्यू कर शव को बाहर निकाला गया।

    मिली जानकारी के अनुसार, छात्रा पांगी की निवासी है और अपने दादा-दादी के पास मौहल में रहती है I एएसपी कुल्लू आशीष शर्मा ने पुष्टि की है।

  • फिर दुर्घटनाग्रस्त हुई एचआरटीसी की बस, हादसे के वक्त 40 यात्री थे सवार

    फिर दुर्घटनाग्रस्त हुई एचआरटीसी की बस, हादसे के वक्त 40 यात्री थे सवार

    HNN / कुल्लू

    हिमाचल प्रदेश में आज फिर एक बड़ा हादसा होने से बाल-बाल टल गया। लाहौल-स्पीति के बाद आज जिला कुल्लू के बंजार में एचआरटीसी बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यहाँ अन्य बस को पास देते समय बस का टायर सड़क से बाहर निकल गया। ऐसे में बस में चीख-पुकार मच गई, ऐसे में ड्राइवर ने समय रहते ब्रेक लगा दी जिसके चलते बस वहीं रुक गई और बड़ा हादसा होने से टल गया।

    दरअसल, 40 यात्रियों से भरी एचआरटीसी की बस बंजार से जौरी जा रही थी। दनधार-जौरी-बंजार जाने वाली बस को पास देते वक्त अचानक बस का अगला टायर सड़क से बाहर निकल गया। ऐसे में चालक ने तुरंत ब्रेक लगा दी जिसके चलते बस वहीं रुक गई। बस में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं किसी को कोई चोट नहीं आई है।

    बता दे कि बीते कल भी मंगलवार को लाहौल के दालंग गांव के समीप कैंची मोड़ पर बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर निकल गई थी। गनीमत यह रही कि बस सड़क किनारे मिट्टी के ढेर में अटक गई अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। रोजाना हो रहे इस तरह के हादसे से बस में बैठने से भी सवारियों को अब डर सताने लगा है।

  • सैलानियों को अब अगले साल ही होगा रोहतांग का दीदार, प्रशासन ने लगाई रोक…

    सैलानियों को अब अगले साल ही होगा रोहतांग का दीदार, प्रशासन ने लगाई रोक…

    HNN/ कुल्लू

    देश-दुनिया के सैलानियों की पहली पसंद रोहतांग दर्रा के दीदार को अब अगले साल का इंतजार करना होगा। प्रशासन द्वारा भारी बर्फबारी होने के चलते रोहतांग दर्रा को बंद कर दिया गया है जिसके चलते सैलानी अब यहां की खूबसूरत वादियों का दीदार नहीं कर सकेंगे। ऐसे में सैलानियों को रोहतांग का दीदार अब मई माह में ही होगा।

    बता दें कि पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी और लगातार गिरता तापमान हर किसी के लिए मुसीबत बना हुआ है। बर्फबारी के चलते सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है जिसके चलते हर वक्त दुर्घटनाओं का अंदेशा बना हुआ है। इसी के चलते प्रशासन ने रोहतांग दर्रा को बंद कर दिया है जिसके चलते अब सैलानी रोहतांग दर्रा का दीदार नहीं कर पाएंगे।

    उधर, उपायुक्त आशुतोष गर्ग ने बताया कि रोहतांग दर्रा को बंद कर दिया गया है। कोठी से आगे वाहनों को ले जाने पर रोक लगा दी गई है। गुलाबा बैरियर को भी कोठी स्थानांतरित किया गया है।

  • कोठी-रोहतांग मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद, गुलाबा बैरियर भी….

    कोठी-रोहतांग मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद, गुलाबा बैरियर भी….

    HNN/ कुल्लू

    खराब मौसम की स्थिति और रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी के चलते व रास्ते पर फिसलन के कारण कोठी से रोहतांग के बीच मार्ग को बीआरओ द्वारा वाहनों की आवाजाही के लिए बन्द किया गया है जिसपर 18 नवंबर के बाद कोई भी मदद उपलब्ध करवाना संभव नहीं होगा।

    उपायुक्त द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उपमंडल अधिकारी मनाली ने यह रिपोर्ट दी है कि अत्यंत ठंडे मौसम की स्थिति के कारण कोठी से मडही की सड़क वाहनों की आवाजाही के लिए सही नहीं है। अतः गुलाबा स्थित बैरियर को कोठी स्थानांतरित किया गया है क्योंकि कोठी से रोहतांग तक की सड़क बर्फ जम जाने के कारण वाहनों की आवाजाही के लिए सही नहीं है।

    उपायुक्त ने उपमंडल अधिकारी मनाली एवं कमांडिंग ऑफिसर, 70 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी तथा जनहित को मध्य नजर रखते हुए मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 115 के अंतर्गत के आदेश पारित किए हैं कि गुलाबा बैरियर को कोठी में स्थानांतरित किया जाए तथा अगले आदेशों तक कोठी से रोहतांग के लिए कोई भी वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं होगी।

  • तीर्थ स्थल रुद्रनाग में देवता त्रिजुगी नारायण और माता मंडासना ने किया शाही स्नान

    तीर्थ स्थल रुद्रनाग में देवता त्रिजुगी नारायण और माता मंडासना ने किया शाही स्नान

    HNN / कुल्लू

    ढोल नगाड़ों की थाप पर तीर्थ स्थल रुद्रनाग में देवता त्रिजुगी नारायण और माता मंडासना ने शाही स्नान किया। हाड़ कंपा देने वाले ठंडे पानी में देवता के साथ भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भी आस्था की डुबकी लगाई। इस दौरान ढोल नगाड़ों और नरसिंगों की स्वरलहरियों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

    गौर रहे कि देवता त्रिजुगी नारायण और माता मंडासना लाव-लश्कर के साथ 17 नवंबर को देवालय से रूद्रनाग के लिए रवाना हुए थे। इसके बाद देवता कसोल, बरशैणी होते हुए रूद्रनाग पहुंचे। देवता त्रिजुगी नारायण का जगथम ऋषि के साथ ही भव्य देवमिलन हुआ। जगह-जगह पर देवता का भव्य स्वागत भी हुआ।

    श्रद्धालुओं ने देवता त्रिजुगी नारायण और माता मंडासना के दर्शन किए। देवताओं ने आठ साल के बाद देव परंपरा का निर्वहन किया। शाही स्नान के बाद देवता त्रिजुुगी नारायण और माता मंडासना अपने देवालय की ओर रवाना हो गए हैैं।

  • ऑनलाइन टांकरी कार्यशाला का होगा आयोजन, गूगल मीट के माध्यम से लगाई जाएंगी कक्षाएं

    ऑनलाइन टांकरी कार्यशाला का होगा आयोजन, गूगल मीट के माध्यम से लगाई जाएंगी कक्षाएं

    HNN/ कुल्लू

    हिमाचल प्रदेश की विलुप्त हो रही लिपियों में से एक टांकरी लिपि के संरक्षण के प्रयास हेतु 26 नवम्बर से टांकरी लिपि की कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को टांकरी लिपि पढ़ना और लिखना सिखाया जाएगा। इस कार्यशाला में टांकरी और पहाड़ी लिपियों के इतिहास से सम्बंधित जानकारी भी उपलब्ध करवाई जाएगी। कार्यशाला 26 नवम्बर से 30 नवम्बर तक चलेगी, जिसमे गूगल मीट के माध्यम से कक्षाएं लगाई जाएंगी।

    इस कार्यशाला का आयोजन टांकरी प्रशिक्षक यतिन पंडित द्वारा निजी रूप से किया जा रहा है। यतिन ने बताया कि इस कार्यशाला का आयोजन वे टांकरी लिपि के विद्वान स्व. ख़ूबराम खुशदिल जी पुण्यतिथि पर कर रहे हैं जो 26 नवम्बर को है और कार्यशाला उनकी पुण्य स्मृति को समर्पित रहेगी। उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला पूर्ण रूप से उनका निजी प्रयास है और इस कार्यशाला का किसी से कोई शुल्क नही लिया जाएगा।

    पहाड़ी लिपियों के संरक्षण के लिए यतिन इस प्रकार के प्रयास समय-समय पर करते रहते हैं। जिसमे कार्यशालाओं के माध्यम से वे टांकरी और अन्य पहाड़ी लिपियों का प्रचार-प्रसार करने में जुटे हुए हैं। उनका मानना है कि लिपि का संरक्षण तभी सम्भव है अगर अधिक से अधिक भाषा एवं संस्कृति प्रेमी जुड़ें और अपनी लिपि सीखकर उसके संरक्षण में अपना योगदान सुनिश्चित करें। कार्यशाला में जुड़ने के लिए 9805766799 व्हाट्सएप नम्बर पर सम्पर्क कर सकते हैं।

  • नशे की आदी महिलाओं के लिए एकीकृत पुर्नवास केन्द्र आशा की किरण के रूप में ला रहा नव जीवन का उजाला

    नशे की आदी महिलाओं के लिए एकीकृत पुर्नवास केन्द्र आशा की किरण के रूप में ला रहा नव जीवन का उजाला

    HNN/ कुल्लू

    हिमाचल प्रदेश में महिलाओं में मादक द्रव्यों की लत की उभरती प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेड क्रॅास सोसायटी, जिला शाखा कुल्लू द्वारा भुन्तर में महिलाओं के लिए 15 बिस्तरों का एकीकृत नशा निवारण एवं पुर्नवास केन्द्र की शुरूआत की है। उपायुक्त एवं रेडक्रॉस जिला शाखा के अध्यक्ष आशुतोष गर्ग ने जानकारी देते हुए कहा कि महिला एकीकृत पुर्नवास केन्द्र भुन्तर में स्थापित प्रदेश का ऐसा एकमात्र केन्द्र है जो महिलाओं के लिए नशा मुक्ति तथा पुर्नवास के उपचार हेतु मुफ्त सेवाएं प्रदान कर रहा है। पिछले दिनों हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भी भुंतर स्थित महिलाओं के लिए बने इस एकीकृत नशानिवारण एवं पुनर्वास केंद्र का दौरा किया था तथा वहां कार्यान्वित की जा रही सुविधाओं की जानकारी ली।

    इस अवसर पर, रोगियों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी गलतियों को सुधारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वे कोशिश करें कि यहां से जल्द स्वस्थ होकर वापस घर जाएं और कार्य करते हुए सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ें। इस महिला एकीकृत पुर्नवास केन्द्र में नशा मुक्ति के ईलाज हेतु 15 बिस्तरों का प्रावधान करते हुए डॉक्टर, मनोचिकित्सक, काउंसलर, नर्स, वार्ड अटेन्डेन्ट, परियोजना समन्वक, सुरक्षा कर्मी, सफाई कर्मी इत्यादि की तैनाती की गई है। भवन में स्नानागार/शौचालय, नर्सिंग स्टेशन, मनोरंजन गतिविधियों तथा सामूहिक परामर्श के लिए एक कॉमनरूम तथा सुरक्षा की दृष्टि से भवन में सी.सी. टी.वी. कैमरे तथा चारों ओर फेंसिंग की व्यवस्था की गई है।

    इस केन्द्र का मुख्य उद्देश्य मादक द्रव्यों के दुष्परिणामों के बारे जनमानस में जागरूकता करना है ताकि उन्हे शराब तथा अन्य मादक द्रव्यों से होने वाले स्वास्थ्य पर दुष्परिणामों से बचाया जा सके। ऐसी महिलाएं जो नशे की आदी हो चुकी है उनकी पहचान कर नशा मुक्ति के इलाज हेतु प्रेरित करना था उन्हे इलाज उपरान्त पुर्नवासित करना है। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए एकीकृत पुर्नवास केन्द्र की टीम शैक्षणिक संस्थाओं पंचायतों तथा महिला मंडलों का नियमित दौरा कर रही है। केन्द्र में डॅाक्टर द्वारा सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक ऐसे मरीजों की जांच की जाती है। गत 3 महीनों में केन्द्र द्वारा 144 महिलाओं को इलाज की सुविधा प्रदान की जा चुकी है।

    मरीज के लक्ष्णों के मुल्यांकन के उपरान्त डॅाक्टर यह तय करता है कि मरीज का उपचार बाह्य रोगी या आवासीय रोगी के रूप में किया जाना है। रोगियों को निःशुल्क दवाईयां दी जाती है तथा मनोविज्ञानिक/काउंसलर द्वारा रोगी तथा उसके परिवार के सदस्यों के लिए परामर्श सत्रों का आयोजन किया जाता है। गम्भीर लक्षणों वाले रोगियों को उनकी सहमति से केन्द्र में भर्ती किया जाता है। आमतौर पर ऐसे रोगियों को 21 दिनों से 30 दिनों तक केन्द्र में इलाज किया जाता है तथा उपचाराधीन रोगियों को डॅाक्टर तथा स्टाफ नर्सों की निगरानी में उनके बी.पी, तापमान तथा अन्य लेब टेस्ट करवाए जाते है।

    किसी भी आपात स्थिति में उचित अस्पताल में रैफर करने की व्यवस्था की गई है। इलाज के दौरान मनोचिकित्सक काउंसलर द्वारा व्यक्तिगत परामर्श तथा पारिवार के सदस्यों की परामर्श सुविधाएं दी जा रही हैं। उपचार अवधि के दौरान सुबह के समय शारीरिक व्यायाम, ध्यान और योगा प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा करवाएं जाते है। दिन के समय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न गतिविधियों में उन्हे व्यस्त रखा जाता है। प्रत्येक महिला की पुनर्वास आवश्यकताओं की पहचान भी की जाती है तथा उनकी रूचि, क्षमता के दृष्टिगत पुर्नवास योजना तैयार कर उन्हे व्यवसायिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है। महिलाओं के इलाज को गोपनीय रखा जाता है तथा किसी भी व्यक्ति को उपचाराधीन महिलाओं की जानकारी नहीं दी जाती है।

  • पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान पकड़ी 707 ग्राम चरस, दो युवक गिरफ्तार

    पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान पकड़ी 707 ग्राम चरस, दो युवक गिरफ्तार

    HNN/ कुल्लू

    जिला पुलिस की नशा तस्करों के खिलाफ कार्यवाही लगातार जारी है। इसी कड़ी में बंजार थाना की पुलिस टीम ने दो युवकों से चरस की बड़ी खेप बरामद की है। पुलिस ने दोनों युवकों शुभम तोमर (24) निवासी गांव तोमर तहसील पांवटा साहिब जिला सिरमौर व स्वीट पुंडीर (26) निवासी गांव सराहन तहसील नाहन जिला सिरमौर के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

    जानकारी अनुसार, बंजार पुलिस ने एनएच-305 औट-लुहरी मार्ग पर चुहिंटा पुल के पास नाका लगाया हुआ था। इस दौरान पुलिस की नजर वहां से पैदल गुजर रहे दो युवकों पर पड़ी जिनकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही थी। लिहाज़ा टीम ने जब उन्हें पकड़कर तलाशी ली तो आरोपियों के कब्जे से 707 ग्राम चरस बरामद हुई।

    उधर, पुलिस अधीक्षक कुल्लू गुरदेव शर्मा ने बताया कि दो युवकों से चरस बरामद हुई है। उन्होंने बताया कि दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत केस दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि दोनों युवक नशे की खेप कहां से लेकर आए थे पुलिस इसकी हर पहलुओं से जांच कर रही है।

  • धूमधाम से मनाया जाएगा बूढ़ी दिवाली मेला, ढोल नगाड़ों की थाप पर देवता….

    धूमधाम से मनाया जाएगा बूढ़ी दिवाली मेला, ढोल नगाड़ों की थाप पर देवता….

    HNN/ कुल्लू

    प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी कुंईरी महादेव भगवान वेदव्यास के सम्मान में 23 और 24 नवम्बर को प्राचीन पारंपरिक बूढ़ी दिवाली मेला धूमधाम से मनाया जा रहा हैं। 23 नवंबर को बूढ़ी दिवाली के शुभ अवसर पर कुंईरी महादेव धाम कुंईर में देवता चोतरू नाग और देवता पटारनी नाग भी शिरकत करेगें।

    कुंईर बूढ़ी दिवाली को महादेव 23 नवम्बर को रात्रिकाल अपने दिव्य रथ मे कुंईर मे सभी श्रद्धालुयो को दर्शन देगें और इसी के साथ कुंईर दिवाली का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा और 24 नवम्बर को मेले का आयोजन किया जाएगा। कारदार इन्द्र सिंह व स्थानीय निवासी आशीष शर्मा ने बताया कि यह मेला काफी प्राचीन समय से मनाया जाता है जिसमें प्राचीन रस्में निभाई जाएगी।

    दो दिवसीय बूढी दिवाली मेला धूमधाम से मनाया जाएगा। दिन को बूढी दिवाली उत्सव पर ढोल नगाड़ों की थाप पर देवता बाहर निकलकर पूरे गांव की परिक्रमा करेंगें। तथा क्षेत्रवासियों को सुख समृद्धि का आशीर्वाद देगें। इस दौरान देवताओं का देवनृत्य भी होगा।

    बूढ़ी दिवाली मेले में मंदिर प्रांगण में बांड रस्सा खींच कर बूढ़ी दिवाली मनाई जाएगी, बांड जोकि एक विशेष प्रकार के घास बगड़ी से बनता है। देव पंरपरा का निर्वहन करते हुए अग्नि कुंड प्रज्वलित कर काव गीत गाते हुए दिवाली मनाई जाएगी।